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बार बार मोबाइल देखना भी मानसिक बीमारी

बहुत से लोग कोई भी मैसेज या मेल आने पर तुरंत मोबाइल देखते हैं, ऐसे लोग एक खास तरह की बीमारी का शिकार हो सकते है, ऐसे में इससे बचना चाहिए।

स्क्रीन टाइम लिमिट करना जरूरी

डाॅ. मनोज ने बताया कि इससे बचने के लिए टेक्नाॅलाजी का सही तरीके से यूज करना जरूरी है, तीन साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से दूर रखना चाहिए। वही गैजेट् हाईजीन को भी अपनाना होगा, परिवार में गेजेट् को लेकर नियम बनाने होंगे।

टेक्नोलाॅजी के साथ आई कई समस्याएं

टेक्नोलाॅजी ने जिंदगी को आसान बना दिया है लेकिन इसके साथ-साथ कई समस्यायें भी आने लगी है, इन्हीं में से एक है एमप्टी इनबाॅक्स सिंड्रोम, इसका शिकार लोग जैसे ही कोई मैसेज या मेल आती है, उसे तुरन्त चैक करना चाहते है। अगर वेे ऐसा नहीं कर पाते है तो उन्हें तनाव होने लगता है। जबकि वे बाद में भी मैसेज या मेल देख कर उसका जवाब दे सकते है, यह जानकारी केजीएमयू के मानसिक विभाग के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ. मनोज कुमार शर्मा ने  प्रौद्योगिकी की लत और इसके मनो सामाजिक सहबंध् पर बोलते हुए दी।

फेसबुक डिप्रेशन के मामले अधिक

डाॅ. मनोज शर्मा ने बताया कि टेक्नोलाॅजी एडिक्शन बड़ी समस्या है, इससे लाइफ में समस्या, हेल्थ इश्यु, रिलेशन में असर, बच्चों का केरियर व स्किल आदि खराब हो रहे है, इसकी वजह से कई डिस्आर्डर बेहद काॅमन हो गये हैं, फेसबुक डिप्रेशन के मामले बढ़ रहें है, सोशल मीडिया पर दूसरी की पोस्ट को देखकर लोग उसमें अपनी लाइफ कंपेयर करने लगते हैं, उन्हें लगता है कि समस्याएं सिर्फ उनके पास है, और किसी के पास नहीं है, उनकी जिंदगी में सब खराब चल रहा है।

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