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नेचुरल ब्यूटी को समर्पित है कोडईकनाल

उत्तर भारत के हिल स्टेशन तो आपने खूब देखें होंगे। अब चलते हैं दक्षिण भारत के एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन की ओर। कोडाईकनाल को जितना इसकी नेचरल ब्यूटी के लिए जाना जाता है, वहीं ज्योग्राफिकल पाॅइंट ऑफ व्यू से भी यहां कमाल की वैरायटी है।

पालनी रेंज की पहाडि़यों में बसा कोडाईकनाल हनीमून कपल्स का फेवरेट डेस्टीनेशन है। समुद्री तट से 2133 मीटर की ऊँचाई पर स्थित कोडाई का मौसम हमेशा ही सुहावना बना रहता है और सूरज की किरणें यहां देश के किसी भी हिल स्टेशन से कहीं ज्यादा चमकदार दिखाई देती हैं। यहां के जंगलों की खूबसूरत ढलानें और झरने आपका मन मोह लेंगे। यहां पर जैसे पक्षियों की तो भरमार है। यहां का प्रमुख आकर्षण है कोडाई लेक, जहां हमेशा सैलानियों की रौनक लगी रहती है। इसके दूसरी तरफ ग्रीन वैली है। यहीं से आप साइलेंट वैली का बेहद खूबसूरत राॅक्स की खड़ी चट्टानें तो देखते ही बनती है। यहीं पर गुना गुफाएं भी हैं, जिनके भीतर जाना लगभग नामुमिकन है।

यहां जाने पर हाॅर्स-राइडिंग करना न भूलें। दरअसल, यहां चीड़ के जंगल में इस सवारी का अलग से मजा है। इसके अलावा ट्रेकिंग और साइक्लिंग को भी खूब इंजाॅय किया जा सकता है। 19वीं सदी के शुरुआती सालों में ईसाई मिशनरियों ने बच्चों के लिए रेजिडेंशल स्कूल बनाने के लिए इस जगह को चुना था। यही नहीं, यहां 1861 में मेजर हैमिल्टन ने बड्र्स की 144 प्रचातियों का पता लगाया था। वैसे खास बात यह भी है कि यह देश का अकेला ऐसा हिल स्टेशन है, जिसे अमेरिकियों ने खोजा था। 20वीं सदी की शुरुआत में जब यह पूरी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ गया, तब ट्रेवलर्स को आकर्षित करने लगा।

कोड़ाई लेक

2 पहाड़ों के बीच में स्टार फ्रिश के आकार की यह झील यहां की खासियत है। इस झील में बोटिंग करना न भूलें। इस लेक के पास ही ब्रायंट पार्क है, जो रंग-बिरंगे फूलों की छटा के लिए मशहूर है। करीब 24 हेक्टेयर एरिया में फैली कोडाईकनाल झील में दो जगहों पर बोटिंग की सुविध है।रुप में आए पर्यटक जहां रोइंग बोट या पैडल बोट में इस लेक की ब्यूटी को इंजाॅय करते हैं, वहीं हनीमून कपल्स शिकारे में बैटकर कोडाई लेक के चक्कर लगाना पसंद करते है। गौरतलब है कि इस लेक के चारों ओर करीब पांच किलोमीटर लंबी रोड है।

सूइसाइट पाॅइंट

यहां के ग्लास हाउस में आपको विभिन्न प्रकार के ऑर्किड देखने को मिलेंगे। अगर आपको पैदल घूमने का शौक है, तो कोडाई के ऊँचे-नीचे रास्ते आपके लिए ही हैं।

इसके अलावा पिलर राॅक्स और कुरुंजी मंदिर भी देखने में अलग हटकर है। मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर चोहियार पार्क है। ग्रीन वेली व्यू को पहले सुइसाइट पाॅइंट कहा जाता था। असल में यहां से वैली देखने में बेहद खतरनाक लगती है। कोडाईकनाल गोल्फ क्लब भी यहां से पास में ही है। यहां कई वाॅटरफाॅल्स भी हैं, जिन्हें देखकर आपको आगे बढ़ने का मन ही नहीं होगा।

कोडाईकनाल देश के हर कोने से कनेक्टेड है। यहां से नजदीकी एयरपोर्ट मदुरै 120 किलोमीटर है, जबकि कोयम्बटूर 170 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप यहां तक का सफर ट्रेन में तय करना चाहते है, तो कोडई रोड नजदीक रेलवे स्टेशन है। यहां से कोडाईकनाल 80 किलोमीटर है। साउथ के दूसरे शहरों से सड़क मार्ग से यह जुड़ा हुआ है। मार्च से मई तक का समय काफी सुहावना होता है। गर्मियों में तो यहां कई फेस्टिवल होते रहते हैं।

यहां से आप एम्ब्राॅयडरी प्रोडक्ट्स, होम मेड चाॅकलेट्स, कोडाई चीज और वुलंस की खरीदारी कर सकते हैं। यहां सूखे हुए फ्रलाॅवर्स की भी अच्छी रेंज मिलती है। वैसे यहां के ब्राउन ब्रेड, जैम, पीनट बटर और मफिंस भी बेहद टेस्टी हैं। यहां का फेमस यूकलिप्टस ऑयल भी खरीद सकते हैं। कोडाईकनाल में हर बजट के हिसाब से ठहरने के इंतजाम हैं।

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Avnish 1 month ago

Shandar info.


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