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।। शुभं करोति कल्याणमत्र् आरोग्यं धन संपदा।।
आरोग्य रूपी धनसंपदा शुभ है और कल्याण करती है।

शास्त्रों में स्वास्थ्य को सर्वोत्तम धन की संज्ञा दी गई है। स्पष्ट है कि हमारे पास बहुत धन हो लेकिन हम बीमार है तो, उसका भोग उपयोग नहीं कर पाएंगे...

स्वास्थ्य क्या है

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य की परिभाषा देते हुए कहा है कि-शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति स्वास्थ्य का प्रतीक है। यह कथन आयुर्वेदाचार्य सुश्रुत द्वारा बताई स्वास्थ्य की परिभाषा का अनुसरण करता है-

समदोषः समाग्निश्च समधातु मलः क्रियः।
प्रसन्नात्मेन्द्रिय मनः स्वस्थ इति मिधी यते।।

अर्थात दोष (वात, पित्त, कफ), अग्नि (समाग्नि), समधतु (रस, रक्त मांस, मद, अस्थि, मज्जा, शुक्र), मल (मल, मूत्र, पसीना) इन सभी की अपनी स्वाभाविक रूप से क्रिया संचालित होने एवं आत्मा, इंद्रिय एवं मन इन सभी का प्रसन्न रहना ही स्वास्थ्य है।

हमारा स्वास्थ्य ही हमारा वास्तविक धन है। या आपने कभी सोचा है या ध्यान किया है कि आप बीमार क्यों होते हैं? वह जीवन चाहे मनुष्य का हो या जानवरों का, स्वास्थ्य सभी के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योंकि बिना अच्छे स्वास्थ्य के कोई इंसान न अपने जीवन में खुद खुश रह सकता है न किसी दूसरे को रख सकता है। दौड़ती गाड़ियां, दौड़ता समय, दौड़ती सफलता और इसी सफलता के पीछे दौड़ते हम। कुछ ऐसी ही भागदौड़ हम सभी करते हैं पर इसी दौड़भाग में हम कहीं दूर अपने स्वास्थ्य को पीछे छोड़ आते हैं व भूल जाते हैं कि यदि स्वस्थ नहीं होगे तो अपने जीवन में सफल कैसे होंगे।

स्वास्थ्य के लाभ

धर्मार्थकाममोक्षणां आरोग्यं मूलमुत्तमम्

महर्षि चरक कहते हैं चतुर्विंध् पुरुषार्थ-ध्र्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन सभी का मूल आरोग्य है अर्थात् शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ मानव ही इन तत्वों को प्राप्त कर सकता है।

प्रयोजनं चास्य स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं
आतुष्य विकार प्रशमनं च।

अर्थात स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी के विकार को दूर करना आयुर्वेद का प्रयोजन रहा है।

जीवन शैली और स्वास्थ्य

आधुनिक जीवन शैली में भौतिक स्तर सुधरने वाले अधिकांश उपकरण जैसे-रेफ्रिज़रेटर, एयरकंडिशनर, टीवी, माइक्रोवेव, कीटनाशक रसायन, दुर्गंध्ननाशक रसासन, पाॅलिश, इत्यादि प्रदूषण उत्पन्न कर सकते हैं। यह आधुनिक सुविध के साथ ही प्रदूषण फैलाकर स्वास्थ्य रूपी संपदा का हृास करते हैं।

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