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ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को Reshape कर रही इलेक्ट्रिक कारें

2021 में यूरोप, अमरीका, चीन समेत इंडिया में बैटरी पाॅवर्ड कारों की सेल्स में बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई है जबकि इसी दौरान पेट्रोल-डीजल से चलने वाली कारों की सेल्स मोटे तौर पर स्टेबल रही। ग्लोबल लेवल पर इलेक्ट्रिक कारों के लिए डिमांड इतनी मजबूत है कि कई देशों में तो कस्टमर्स को इन्हें खरीदने के लिए कई महीने पहले एडवांस पेमेंट करना पड़ रहा है। यही नहीं कुछ देशों में कुछ इलेक्ट्रिक माॅडल ऐसे भी हैं जो अगले 2 वर्ष के लिए Sold-out हो चुके हैं व इनके लिए कोई भी नई बुकिंग नहीं ली जा रही है।

कैलेंडर वर्ष 2022 को इलेक्ट्रिक कारों के लिहाज से Breakthrough वर्ष माना जा रहा है क्योंकि इनकी बढ़ती सेल्स के चलते वल्र्ड की अधिकतर ऑटोमोबाइल कम्पनियां अब अपनी बिजनस स्ट्रेटेजी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को शामिल करने लगी हैं। यही नहीं 2022 में इन कंपनियों द्वारा कई इलेक्ट्रिक माॅडल्स लांच करने की भी रिपोर्ट्स हैं।

असल में माना जा रहा है कि इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती संख्या में धीरे-धीरे एयर-क्वालिटी बेहतर होगी व यह ग्लोबल-वार्मिंग की स्पीड को धीमा करने में भी मददगार होंगी। हालांकि इस ट्रांसफाॅर्मेशन से सभी को बेनेफिट नहीं होगा। यदि अगले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक कारें मेनस्ट्रीम में आ जाती हैं तो फ्रयूल-इंजेक्शन सिस्ट्मस समेत कई अन्य पार्ट्स बनाने वाली मेन्यूफेक्चरर्स बिजनस से आउट हो जाएंगे जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां भी जाएगी।

इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स बढ़ने के साथ ही लिथियम, निकल व कोबाल्ट जैसे बैटरी बनाने में काम आने वाले मिनरल्स की डिमांड क्रूड ऑयल से भी आगे निकल सकती है। गौरतलब है कि इन मैटेरियल की प्राइस में पिछले कुछ समय में जर्बदस्त तेजी आई है व यदि इनमें और बढ़ोतरी होती है तो शाॅर्ट-टर्म में इससे इलेक्ट्रिक कारें महंगी हो सकती हैं जिससे इनकी सेल्स इंपैक्ट हो सकती है।

यह ट्रांजीशन इलेक्ट्रिक कारों के लिए Plug-ins की कमी से भी सीमित रह सकता है। उल्लेखनीय है कि लंबी दूरी तय करने वाले लोगों या अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए इलेक्ट्रिक कारें फिलहाल उपयुक्त नहीं है क्योंकि अपार्टमेंट में रहने वाले इसे घर पर चार्ज नहीं कर सकते। एक्सपर्ट्स के अनुसार इलेक्ट्रिक कारों के क्लामेंट रिलेटेड बेनेफिट्स सामने आने में भी फिलहाल समय लग सकता है। खैर, जो भी हो पर इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में बूम की स्थिति ग्लोबल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को Reshape करने लगी है।

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