Comments (0) | Like (26) | Blog View (87) | Share to:

झीलों का शहर है नैनीताल

चारों तरफ से पहाड़ियों व जंगल से घिरे नैनीताल की नेचरल ब्यूटी बरबस ही देशी-विदेशी ट्यूरिस्ट को अपनी और आकर्षित करती है। यहां पर छोटी-बड़ी इतनी झीलें हैं कि इसे ‘‘झीलों का शहर’’ के नाम से भी जाना जाता है। झील, ऊँची-ऊँची पहाड़ियां, जंगल और नेचुरल ब्यूटी के कारण नैनीताल हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए इस हिल स्टेशन में छुट्टियां बिताना पसंद करते हैं। यह मोस्ट फेवरेट डेस्टीनेशंस में से एक है।

क्या देखें

नैनीताल और उसके आस-पास ऐसी बहुत सारी जगहें हैं, जो आपका मन मोह लेंगी। अपने ट्यूर के दौरान आप इन जगहों को देख सकते हैं।

नैनी लेक

नैनीताल में घुसते ही सबसे पहले आपको नैनी झील नजर आएगी। नैनीताल इसी झील के किनारे स्थित है। इस झील से दिखाई देते हरे घने जंगलों और ऊँची पहाड़ियां का नजारा मन को मोह लेने वाला है। इस झील से आप पूरे नैनीताल को एक नजर में देख सकते हैं। इस झील के पानी में जब सुबह की सूरज की किरणें पड़ती हैं, तो पानी की लहरों में दिखाई पड़ती झिलमिलाहट मन को हर लेती है। यह चारों तरफ से सात पहाड़ियों से घिरा है। यहां पर लेक में बोटिंग भी एंजाॅय की जा सकती है।

स्नो व्यू

यह जगह शहर से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप वाॅक करने के शौकीन हैं, तो पहाड़ी घने हरे-भरे जंगल से होते हुए 30 से 40 मिनट में यहां तक पहुंच जाते हैं। अगर वाॅक नहीं करना चाहते, तो आप रोप वे से पांच से दस मिनट में यहां पहुंच जाएंगे। कुदरती सौंदर्य से सराबोर नेचरल ब्यूटी यहां की विशेषता है। इस जगह से आप दूर-दूर तक की पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य दूरबीन से देख सकते हैं।

नैना पीक और चाइना पीक

नैना पीक 2611 मीटर की उचाई पर स्थित है और यह शहर की सबसे ऊँची पहाड़ी है। यहाँ से आप हिमालय का बेहद खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। इतना ही नहीं यहां से आप दूरबीन की मदद से नैनीताल के चारों ओर की खूबसूरत जगहों को भी निहार सकते हैं।

गर्नी हाउस

पहले यह जिम काॅर्बेट का घर था, जो आयरपत्ता पहाड़ी पर स्थित है। यहां अब एक म्यूजियम है, जिसमें जिम काॅर्बेट की तमाम चीजों को बहुत सहेजकर रखा गया है।

सेंट जाॅन चर्च

इस चर्च की स्थापना 1844 में की गई थी और यह नैनीताल की उत्तरी दिशा में मल्लीताल में स्थित है। नैनी देवी मंदिर से यह चर्च लगभग आध मील की दूरी पर है।

टिफिन टाॅप और डोरती सीट

यह शहर से चार किलोमीटर की दूरी पर आयरपत्ता जिले में स्थित है। टिफिन टाॅप से आप हिमालय का खूबसूरत व्यू देखने के साथ ही आस-पास की खूबसूरत जगहों को भी देख सकते हैं। इसे एक ब्रिटिश पेंटर महिला की याद में बनाया गया है।

किलबरी

यह जगह 2197 मीटर की उफंचाई पर स्थित और नैनीताल से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप शांति और नेचुरल वातावरण में छुट्टी मनाने के इच्छुक हैं, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट रहेगी। अगर रूकने का मन कर जाए, तो यहां के फाॅरेस्ट रेस्ट हाउस में इसका भी व्यवस्था है।

रानीखेत

यह नैनीताल से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चीड़ के पेड़ों से घिरा एक हिल स्टेशन है। कहा जाता है कि रानी पद्यमिनी को यह जगह बेहद भा गई थी और तभी से इसे रानीखेत के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब है क्वीन फील्ड। यह समुद्री तट से 1829 मीटर की उचाई पर स्थित है और टयूरिस्ट के बीच बेहद पाॅपूलर है।

मुक्तेश्वर

फलों के बगीचों और घने जंगलों से घिरा मुक्तेश्वर अपने कुदरती सौंदर्य से भरपूर नजारों के लिए लोकप्रिय है। 1893 में ब्रिटिशर्स ने यहां पर रिसर्च व एजुकेशन इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) की स्थापना की थी। यहीं पास पर बना भगवान शिव का मंदिर भी पर्यटकां के आकर्षण का केंद्र है।

कैसे जाएं

नैनीताल देश के प्रमुख शहरों से रेल व बस सेवा द्वारा जुड़ा है। यह दिल्ली से 310 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है।

Post a Comment

Your comment was successfully posted!

LOGIN TO E-SERVICES